एचआईवी उपचार के साथ दूसरी बीमारियों की जांच भी जरूरी

एचआईवी उपचार की सफलता से मरीज लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ मधुमेह, रक्तचाप और हृदय रोग जैसे जोखिम पर ध्यान देना पड़ता है। नियमित एंटीरेट्रोवायरल दवा महत्वपूर्ण है, पर स्वास्थ्य देखभाल केवल वायरस की निगरानी तक सीमित नहीं रह सकती।\n\nमरीजों को दवा का समय, जांच की तारीख और दूसरी दवाओं के साथ संभावित असर के बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। कलंक के कारण जांच या उपचार छोड़ना जोखिम बढ़ा सकता है। परिवार और समुदाय की संवेदनशील भूमिका भी उतनी ही जरूरी है।\n\nविश्वसनीय जानकारी, गोपनीय जांच और निरंतर चिकित्सा संपर्क से उपचार बेहतर बनता है। इंटरनेट पर किसी पोस्ट के आधार पर दवा बदलना सुरक्षित नहीं है।

Chikitsa TV

स्वास्थ्य समाचार, टिप्स और मेडिकल अपडेट्स