पैसे, पढ़ाई, नौकरी और रिश्तों से जुड़ी चिंताएं युवाओं के तनाव को बढ़ा सकती हैं। चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में कठिनाई, नींद में बदलाव और हर समय थकान ऐसे संकेत हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए।
काम को छोटे हिस्सों में बांटना, भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना और नियमित दिनचर्या मदद कर सकती है। लक्षण लगातार बने रहें या रोजमर्रा का काम प्रभावित हो तो काउंसलर या मनोचिकित्सक से सलाह लें।
